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राष्ट्र सन्त तरुण सागर ने समग्र चिंतन से देश को दिशा प्रदान की
राष्ट्र सन्त तरुण सागर को सर्वधर्म समभाव के साथ विनयांजलि,
इंदौर. राष्ट्र सन्त तरुण सागर महाराज ने कड़वे प्रवचनों से अहिंसा ,सत्य, अचौर्य, शील, एवं अपरिग्रह के रूप में उन्होनें मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारों के धर्म एवं उसके संदेशों को जन-जन तक पहुँचाया और मानव जीवन के सर्वांगीण विकास और अभ्युदय के लिए वो अंतिम समय तक कार्य करते रहे. उन्होंने समग्र चिंतन के साथ देश और समाज को दिशा प्रदान की, वे युग परिवर्तन के वाहक थे.
उक्त विचार इंदौर संभाग के डी.आई.जी हरिनारायण चारी मिश्र ने पंजाब अरोड़वंसीय धर्मशाला में राष्ट्र सन्त तरुण सागर महाराज की सर्वधर्म विनयांजलि सभा मे कही. सभा के आयोजक अजय जैन, नवीन जैन गोधा, अखिलेश जैन, मोनू गोधा, ने बताया कि इंदौर के 20 समाजों के प्रमुखों सहित सामाजिक व राजनीतिक क्षेत्र के प्रमुख गणमान्य जनों ने अपने भाव व्यक्त किये.
इस अवसर पर प्रो. सरोज कुमार जैन ने कहा कि राष्ट्र संत तरुणसागर महाराज के साधु संत समाज के उत्कृष्ठ चारित्रिक आचरण संहिता के अनुरूप संलेखनापूर्वक सभी प्रकार के आहार पानी, परिग्रह के त्याग के साथ प्राणीमात्र के प्रति, सबसे क्षमा सबको क्षमा के उदगार एवम पूर्ण चैतन्य अवस्था मे इच्छापूर्वक समाधिपूर्वक देह का त्याग किया.
अखण्डधाम आश्रम के महामंडलेश्वर डॉ चेतन स्वामी महाराज ने कहा कि उनके विचारों से राष्ट्र निर्माण, संस्कार निर्माण के साथ ही लाखो व्यक्तियों के जीवन मे सकारात्मक परिवर्तन हुआ.
विश्व हिंदू परिषद के हुकुमचंद साँवला ने कहा कि दिगम्बर जैन आम्नाय में दीक्षित तरुणसागरजी महाराज ने अपने व्यक्तित्व एवं कृतित्व से सर्वधर्म समभाव का जो अद्भुत अलौकिक उदाहरण प्रस्तुत किया वह श्रावक एवं श्रमण समाज एवं मानव जाति के लिए अनुकरणीय कृत्य है.
उनके संदेश मार्गदर्शन करेंगे
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक शैलेन्द्र महाजन ने कहा कि सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयामों का सम्मिश्रण,समन्वय सद्भाव एवं संस्कार के वे प्रतीक रहे. भाजपा के नगर अध्यक्ष गोपीकृष्ण नेमा ने कहा कि उनके जैसा निर्भीक, दबंग एवं कडुवा परंतु सत्य के उद्धबोधन देने वाले सन्त, बिरले होते है. शहर कांग्रेस के अध्यक्ष विनय बाकलीवाल ने कहा कि समाज, राष्ट्र, देश विदेश में उनके ये संदेश जीवन पर्यंत लोगो का मार्गदर्शन करेंगे.
इस अवसर पर विधायक सुदर्शन गुप्ता, सुश्री उषा ठाकुर, महेंद्र हार्डिया, शंकर लालवानी, कुलपति नरेंद्र धाकड़, वरिष्ठ नेता विष्णु प्रसाद शुक्ला, मोहन सेंगर, कृपाशंकर शुक्ला, सभापति अजय सिंह नरुका, आचार्य प.रामचंद्र शर्मा वैदिक प्रदीप कासलीवाल के साथ ही वाल्मीकि समाज, यादव समाज के प्रमुख ने भी राष्ट्र संत के प्रति आपने भाव व्यक्त कियेे. सभा का संचालन पार्षद दीपक जैन ने किया और आभार कैलाश वैद ने किया.


